Search This Blog

Friday, August 21, 2020

आशियाना



मेरा एक सपना है
एक आशियाना बनाऊँँ
उसकी हर दिवार को
अपने विचारो से सजाऊँ

आंगन में खिलाऊँ
शांति के नए फूल
आनेवाले दुःख सारे
दर्द जायेंगे भूल

उसका सुंदर बगीचा
लहराएगा हरियाली से
जिसका भी पैर पड़ेगा
भर जायेगा ख़ुशहाली से

पानी के फव्वारे
ठंडी ठंडी बूंदो से
बरसायेंगे दिन में तारे
महकायेंगे विभिन्न गन्धो से

पेड़ों की शीतल छाया
धूँप को रोकेगी आने से
घर की सुंदर काया
ढक देगी प्यार के सुरों से

पंच्छी गाते गीत पंक्तियाँ
देख़ नीला आसमा खुला
मंडराती रंगबिरंगी तितलियाँ
बीच में लटकता झूला

छोटी छोटी डगर से
खिल उठेगा नज़राना
सुबह की कोमल किरणों से
चमक उठेगा आशियाना

- रानमोती / Ranmoti



1 comment:

Your valuable comments are highly appreciated and very much useful to further improve contents in this Blog.

Recent Posts

पर्यावर्णिय बदल, मानसाच्या जाती आणि आरक्षणे

सध्या परिस्थितीचा विचार लक्षात घेता असे दिसून येते की मानसाला भविष्यामध्ये स्वत:ला माणूस म्हणून टिकून राहण्यापेक्षा स्वत:च्या जाती धर्मांची ...

Most Popular Posts