Search This Blog
Tuesday, August 18, 2026
Saturday, August 8, 2026
तीर्थंकर अर्हंत — “महावीर” स्वामी
सोने के खजाने पर बैठा भिखारी
एक गाँव में एक भिखारी रहता था।
वह रोज़ एक पुराने घर के सामने बनी छोटी-सी खाली जगह पर बैठकर, अपने फटे-पुराने कपड़ों में, हाथ में कटोरा लेकर भीख माँगता था।
राहगीर उसे कुछ सिक्के दे देते, और उन्हीं थोड़े-थोड़े पैसों से वह अपना जीवन किसी तरह गुज़ारता था।
लेकिन उसे एक बात का बिल्कुल भी पता नहीं था कि जिस जगह पर वह वर्षों से बैठा था, ठीक उसी जमीन के नीचे सोने का एक विशाल खजाना दबा हुआ था।
वह हर दिन उस खजाने के ऊपर बैठकर भीख माँगता रहा, पर कभी उसे यह एहसास नहीं हुआ कि जिस दौलत की तलाश में वह दुनिया से माँग रहा है, वह तो उसके पैरों के नीचे ही दबी हुई है।
समय बीतता गया। एक दिन उस भिखारी की मृत्यु हो गई।
कुछ समय बाद लोगों ने उस पुराने घर को तोड़कर वहाँ खुदाई शुरू की। खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के नीचे से सोने का एक विशाल खजाना मिला।
यह देखकर सब लोग आश्चर्यचकित रह गए और हँसते हुए बोले—
“कैसी विडंबना है! जिसने पूरी ज़िंदगी सोने के खजाने पर बैठकर फटे कपड़ों में भीख माँगी, उसे कभी यह पता ही नहीं चला कि असली दौलत तो उसके अपने पैरों के नीचे थी।”
सीख
हम में से बहुत-से लोग भी उस भिखारी की तरह होते हैं।
हम अपनी खुशियों, अपनी ताकत, अपनी प्रतिभा और अपने भीतर छिपे अनमोल खजाने को पहचान नहीं पाते। हम बाहर सुख और सफलता खोजते रहते हैं, जबकि हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हमारे अपने भीतर ही होती है।
जो अपने भीतर छिपे खजाने को पहचान लेता है,
उसे दुनिया से माँगने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
-लेखिका : रानमोती / RANMOTI
Sunday, August 2, 2026
Friday, July 31, 2026
Friday, January 2, 2026
Mumbai’s teen innovator and author Arjit More wins International Excellence Award 2026
Teen author and innovator Arjit More from Washim has been honoured with
the International Excellence Award 2026 for his research-driven writing in
science and innovation. The award was conferred for his English book, “Jigyasa:
From Curiosity to Clarity”, presented by Exceller publishing during the
Global Author Summit 2026 (Session 1) held on January 2, under the category of
Young Adult Writers (Under 18).
Exceller, an ISO 9001:2015-certified organisation, is a member of the
Federation of Indian Publishers and is affiliated with the International
Publishers Association, Geneva. The publisher has worked with authors from over
20 countries, aiming to amplify socially relevant and thought-provoking
writing.
The book explores science beyond textbooks, positioning it as a tool for
societal engagement. It emphasises curiosity, observation-led research,
learning through experimentation, and navigating failure as part of the
scientific process. Written in an accessible style, the book seeks to cultivate
scientific temper, creativity and innovation among students.
Recent Posts
यशोदायाः प्रेमब्रह्माण्डम्
यशोदायाः प्रेमब्रह्माण्डम् नन्दस्य गेहे या माता, वात्सल्यामृतवर्षिणी। यस्याः प्रेम्णा जगत्सर्वं, कृष्णे लीनमिवाभवत्॥ मृत्तिकां भक्षितं दृष्ट...
Most Popular Posts
-
बहीण बघते भावाची वाट ओवाळणी कराया सजले ताट बहरून आली श्रावण पौर्णिमा दिसता बहीण सुखी झाला चंद्रमा सुरेख राखीला रेशीम धागे भाऊ उभा बहिणीच्या...
-
ग्राम पंचायती आणि सरकारी शाळांच्या भिंतीवर सुविचारांची रंगोटी झाली हे सारं पाहून आम्हाला वाटलं देश सुसंस्कृत आणि सुशिक्षित झाला वकिलीच्या अन...
-
बाई एसटी माई सांग कव्हा येशील डोस्क्यावरचं गठुडं गावी कव्हा नेशील वाट पाहत बसलो कव्हाचं फाट्यावर आता तरी ये आम्हा गरीबाच्या वाट्यावर बाई एसट...
-
दोस्त एंटरटेनमेंट है आपके तनाव का दोस्त एक्सपीरियंस है आपके साथ का दोस्त डिटेक्टर है आपकी बुराई का दोस्त पैरामीटर हे आपके बर्ताव का दोस्त प्...
-
“ विज कर्मचाऱ्यांना ” अंधारात ठेऊन चालणार नाही ... कोरोना काळात आपण सर्वं अतिदक्षता विभागातील कर्मचाऱ्यांचे नेहमीच आभार ...
-
रिकाम्या वेळी हातपाय मोडतो लागली भूक की चार भाकरी तोडतो तुम्ही म्हणाल साले काय लेकाचे ढोरं असेच हाव आम्ही रिकामी पोरं ठिगळे असली तरी शान लय...
-
बघा कशी विज धावली... पाण्याची घेऊन शक्ती जनरेटरची लावून उक्ती ताराच्या जाळ्यात व्यापली आधुनिक मीटरात मापली बघा कशी विज धावली माझ्या घराच्या ...
-
स दियों से समंदर के किनारे, एक ज्वालामुखी गर्म होकर अपनी चरमपर, ज्वालायें बरसा रहा था। जब तूफान आता, तो समंदर ज्वालाओ को ठंडा करने के लिए, अ...
-
म्या होईन सरपंच माणूस रोकठोक सांगतो तुम्हाले आज बोलून छातीठोक माह्या संग हायेत जमाना भराचे लोक आसंन कुणात दम तर लावा मले रोक कालच म्या देल्ल...
-
रानमोती प्रस्तुत "चार या भिंतीत" हे नवीन मराठी गीत प्रतीक आहे, पती पत्नीच्या सुंदर, सहज, प्रेमळ नात्याचं, आशेचं, दोघांमधील नात्याल...






