स्थलखंड का एक अंग
जल से घिरा चारो छोर
अलग-थलग मातृभूमि से
सागर में नर्तक मोर
शांति सुकून से संपन्न
क्रान्तिशूरों से भूमि पावन
गहरे वनों की गुफावों में
प्रकृती की आस राहों में
पेड, पौधे, पशु, पक्षी
आद्य सुंदरी कला नक्षी
जरावा, ओंगेस संग नेग्रि
नीलम तट और आग्नेयगिरि
गहरे पुष्प फल श्रीफल
प्रकृति की गोद निर्मल
सुंदरता की श्रेष्ठ पहल
अंडमान द्वीप एक चहल
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ज्वालामुखी और नदी
स दियों से समंदर के किनारे, एक ज्वालामुखी गर्म होकर अपनी चरमपर, ज्वालायें बरसा रहा था। जब तूफान आता, तो समंदर ज्वालाओ को ठंडा करने के लिए, अ...

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सध्या परिस्थितीचा विचार लक्षात घेता असे दिसून येते की मानसाला भविष्यामध्ये स्वत:ला माणूस म्हणून टिकून राहण्यापेक्षा स्वत:च्या जाती धर्मांची ...
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बूँदों की अपनी बड़ी होशियारी है, मिट्टी में मिले तो वजूद दिखाती है, पानी में मिले तो, ख़ुद ही मिट जाती है - रानमोती / Ranmoti
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अगर ईश्वर जीवनभर परीक्षा लेते है, तो मेरे ख़याल से रिजल्ट मरने के बाद ही आता होगा.. - रानमोती / Ranmoti
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ये घने बादल रोते है मेरे लिये, कोई इंसान दर्द नहीं समझता.. ये गरजकर बरसते है मेरे लिये, न जाने क्यों ये वक्त नहीं समझता.. - रानमोती / Ranmot...
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“तुच सृजन, तुच नवनिर्माण, तुच अंत, तुच अनंत”. काहींना महिला हा विषय मुळात गंमतीशीर वाटत असेल तर कृपया मला माफ करा. कारण माझ्याकडून अशा अपेक्...
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सांजवेळी पाखरे विसाव्या सांजावली रिमझिम रविकिरणे क्षितिजात मावळली चांदणी शुक्रासह पुन्हा नभी उगवली येशील तू परतुनी आस मना लागली स्मितफुलांची...
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आपकी ऊँची उठी निगाहों ने, इस कदर इबादत की हमारी, की सोच में पड गये, किस ऊँचे मुक़ाम पर रखे खुदको, ताकि, आपकी निगाहों का कर्ज थोड़ा कम हो जाय...
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दूर दराज़ जंगल के पार बस्ती थी मेरी और परिवार सुन्दर नदी पेड़ों की मुस्कान बाढ़ का साया हरसाल तूफान एक टुटाफूटा घर मानो छाले पड़े जीवन पनपता उसम...
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बहीण बघते भावाची वाट ओवाळणी कराया सजले ताट बहरून आली श्रावण पौर्णिमा दिसता बहीण सुखी झाला चंद्रमा सुरेख राखीला रेशीम धागे भाऊ उभा बहिणीच्या...
निसर्गाच्या सान्निध्यात
ReplyDeleteखुप छान ekdam mast.
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