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Friday, April 18, 2025
मैं सकल शब्दमय, काली हूँ !
Monday, April 7, 2025
Friday, February 28, 2025
चार या भिंतीत..
रानमोती प्रस्तुत "चार या भिंतीत" हे नवीन मराठी गीत प्रतीक आहे, पती पत्नीच्या सुंदर, सहज, प्रेमळ नात्याचं, आशेचं, दोघांमधील नात्याला प्रेमाच्या बंधनात घट्ट बांधून ठेवणाऱ्या भावनांना शब्दरूपी कण्ठस्वरात मुक्त करणाऱ्या संगीताचं, ऐकणाऱ्याला एक अविस्मरणीय आनंद देऊन चिरकाळ मनामध्ये स्थान निर्माण करणारं.
Monday, February 17, 2025
जरूरी है !
मैंने अक्सर खामोश रहना पसंद किया, पर पता चला लोग अपनी अपनी राय बनाकर बात करना शुरू कर दे, उससे पहले मेरा बात करना जरूरी है। पेड़ पर सुन्दर सुन्दर फुल खिलेते है । हरे हरे पत्ते भी साथ में अपना रंग जमाते है। लोग उन फूल पत्तों को कमजोर समझकर तोड दे, उससे पहले पेड को अपने काँटों को उगाना भी जरूरी है। मैंने अक्सर साधा जिवन व्यतीत करना पसंद किया, पर लोग छोटा सा हवा का झोका समझकर मेरी मौजुदगी को ही नजरअंदाज कर दे, उससे पहले मुझे आँधी, तुफान बनना जरूरी है। मुझे दिखावे से ना नफरत है, ना प्रेम। हमेशा मैंने अपने तरीकों से चलना पसंद किया। पर लोगों का मेरे प्रति बरताव का तरीका बदल जाये, उससे पहले मुझे भी अपने तौर तरीके आजमाना जरूरी है। जीवन में संभावनाएं, मुझे अपने कर्मो से मिली है। मै चाहू तो ठुकराऊ, मै चाहू तो अपनाऊ। पर लोग मेरी संभावनाओ को ही ठुकराये, उससे पहले, मुझे खुद एक स्वयंरचित संभावना बनना जरूरी है।
मैंने अक्सर खामोश रहना पसंद किया, पर पता चला लोग अपनी अपनी राय बनाकर बात करना शुरू कर दे, उससे पहले मेरा बात करना जरूरी है। पेड़ पर सुन्दर सुन्दर फुल खिलेते है । हरे हरे पत्ते भी साथ में अपना रंग जमाते है। लोग उन फूल पत्तों को कमजोर समझकर तोड दे, उससे पहले पेड को अपने काँटों को उगाना भी जरूरी है। मैंने अक्सर साधा जिवन व्यतीत करना पसंद किया, पर लोग छोटा सा हवा का झोका समझकर मेरी मौजुदगी को ही नजरअंदाज कर दे, उससे पहले मुझे आँधी, तुफान बनना जरूरी है। मुझे दिखावे से ना नफरत है, ना प्रेम। हमेशा मैंने अपने तरीकों से चलना पसंद किया। पर लोगों का मेरे प्रति बरताव का तरीका बदल जाये, उससे पहले मुझे भी अपने तौर तरीके आजमाना जरूरी है। जीवन में संभावनाएं, मुझे अपने कर्मो से मिली है। मै चाहू तो ठुकराऊ, मै चाहू तो अपनाऊ। पर लोग मेरी संभावनाओ को ही ठुकराये, उससे पहले, मुझे खुद एक स्वयंरचित संभावना बनना जरूरी है।
- रानमोती / Ranmoti
Thursday, September 5, 2024
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स दियों से समंदर के किनारे, एक ज्वालामुखी गर्म होकर अपनी चरमपर, ज्वालायें बरसा रहा था। जब तूफान आता, तो समंदर ज्वालाओ को ठंडा करने के लिए, अ...
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बूँदों की अपनी बड़ी होशियारी है, मिट्टी में मिले तो वजूद दिखाती है, पानी में मिले तो, ख़ुद ही मिट जाती है - रानमोती / Ranmoti
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हे आसमां, तू और मैं, एक जैसे ही तो हैं। मुझे पसंद है तेरा चाँद, तेरा सूरज, तेरे तारे, तेरा रात का अंधेरा और दिन का उजियाला। मुझे पसंद है तेर...
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बहीण बघते भावाची वाट ओवाळणी कराया सजले ताट बहरून आली श्रावण पौर्णिमा दिसता बहीण सुखी झाला चंद्रमा सुरेख राखीला रेशीम धागे भाऊ उभा बहिणीच्या...
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बाई एसटी माई सांग कव्हा येशील डोस्क्यावरचं गठुडं गावी कव्हा नेशील वाट पाहत बसलो कव्हाचं फाट्यावर आता तरी ये आम्हा गरीबाच्या वाट्यावर बाई एसट...
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ग्राम पंचायती आणि सरकारी शाळांच्या भिंतीवर सुविचारांची रंगोटी झाली हे सारं पाहून आम्हाला वाटलं देश सुसंस्कृत आणि सुशिक्षित झाला वकिलीच्या अन...